शास्त्रीय स्रोत, हिन्दी–English अर्थ और सरल उच्चारण सहित
माँ बगलामुखी की उपासना में मन्त्र केवल शब्द नहीं हैं। वे साधक के भीतर स्थिरता, साहस, संयम और दैवी संरक्षण का सूक्ष्म आह्वान हैं। माँ पीताम्बरा की साधना विशेष रूप से वाणी-संयम, अनिष्ट-निवारण, धर्मयुक्त विजय, भय-शमन और आन्तरिक स्थिरता से जुड़ी मानी जाती है।
माँ बगलामुखी से सम्बन्धित मन्त्र और स्तोत्र मुख्य रूप से शाक्त, महाविद्या और तांत्रिक परम्परा में मिलते हैं।
उपलब्ध पाठ-परम्पराओं में श्रीरुद्रयामल, विष्णुयामल में नारद-विष्णु संवाद, बगलामुखी स्तोत्र-परम्परा, बगलामुखी अष्टोत्तरशतनाम, बगलाष्टक, चालीसा और आरती प्रमुख रूप से प्रचलित हैं। बगलामुखी अष्टोत्तरशतनाम स्तोत्र को भक्ति भारत ने “श्रीरूद्रयामले सर्व-सिद्धि-प्रद श्री बगलाष्टोत्तर शतनाम स्तोत्रम्” के रूप में दिया है, जबकि नारद-विष्णु संवाद वाला पाठ विष्णुयामल-सम्बद्ध रूप में उपलब्ध है।
महत्वपूर्ण श्रद्धा-सूचना:
माँ बगलामुखी के बीजमन्त्र, विशेष जप-संख्या, अनुष्ठान, हवन और तांत्रिक प्रयोग गुरु-मार्गदर्शन में ही करने चाहिए। सामान्य भक्तों के लिए नाम-स्मरण, स्तोत्र-पाठ, आरती, चालीसा, नारायणी स्तुति, पीले पुष्प और वाणी-संयम की साधना अत्यन्त शुभ मानी जाती है।
माँ बगलामुखी के प्रमुख मन्त्र
भक्ति-परम्परा में माँ बगलामुखी के अनेक मन्त्र प्रचलित हैं—एकाक्षरी, त्र्यक्षरी, चतुराक्षरी, अष्टाक्षरी, नवाक्षरी, एकादशाक्षरी और गायत्री मन्त्र। भक्ति भारत में इन मन्त्रों को क्रम से सूचीबद्ध किया गया है।
मन्त्र तालिका
| क्रम | मन्त्र नाम | देवनागरी पाठ | Easy Pronunciation | हिन्दी अर्थ | English Meaning |
| 1 | एकाक्षरी मन्त्र | ह्लीं॥ | Hleem | माँ बगलामुखी की बीज-शक्ति को प्रणाम। | Salutation to the seed-power of Maa Baglamukhi. |
| 2 | त्र्यक्षरी मन्त्र | ॐ ह्लीं ॐ॥ | Om Hleem Om | माँ की पीताम्बरा शक्ति का संक्षिप्त आवाहन। | A brief invocation of the Pitambara power of the Mother. |
| 3 | चतुराक्षरी मन्त्र | ॐ आं ह्लीं क्रों॥ | Om Aam Hleem Krom | माँ की ज्ञान, स्तम्भन और रक्षा-शक्ति का स्मरण। | Invocation of Her wisdom, stilling and protective force. |
| 4 | पंचाक्षरी मन्त्र | ॐ ह्रीं स्त्रीं हुं फट्॥ | Om Hreem Streem Hum Phat | दैवी रक्षा, शक्ति और अवरोध-विनाश का मन्त्र। | A mantra invoking divine protection and removal of hostile obstruction. |
| 5 | अष्टाक्षरी मन्त्र | ॐ आं ह्लीं क्रों हुं फट् स्वाहा॥ | Om Aam Hleem Krom Hum Phat Swaha | माँ को समर्पित रक्षक मन्त्र। | A protective mantra offered to the Mother. |
| 6 | नवाक्षरी मन्त्र | ह्रीं क्लीं ह्रीं बगलामुखि ठः॥ | Hreem Kleem Hreem Bagalamukhi Thah | माँ बगलामुखी की आकर्षण, रक्षा और स्तम्भन शक्ति का स्मरण। | Invocation of Maa Baglamukhi’s protective and stilling energy. |
| 7 | एकादशाक्षरी मन्त्र | ॐ ह्लीं क्लीं ह्लीं बगलामुखि ठः ठः॥ | Om Hleem Kleem Hleem Bagalamukhi Thah Thah | माँ से अनिष्ट गति रोकने की प्रार्थना। | A prayer to the Mother to halt harmful movement and negativity. |
माँ बगलामुखी गायत्री मन्त्र
ह्लीं बगलामुखी विद्महे दुष्टस्तंभनी धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्॥
Easy Pronunciation
Hleem Bagalamukhi Vidmahe Dushta-Stambhani Dhimahi Tanno Devi Prachodayat.
हम माँ बगलामुखी का ध्यान करते हैं। वे दुष्टता, अनिष्ट, अधर्म और अशुभ वाणी को रोकने वाली देवी हैं। वे दिव्य माँ हमारी बुद्धि को धर्म, संयम और विजय के मार्ग पर प्रेरित करें।
We meditate upon Maa Baglamukhi, the Divine Mother who stills harmful forces, hostile speech and unrighteous movement. May that Devi inspire and guide our intellect towards dharma, restraint and victory.
माँ बगलामुखी का प्रसिद्ध स्तम्भन मन्त्र
यह मन्त्र माँ बगलामुखी की साधना में अत्यन्त प्रसिद्ध है। इसके पाठ में सावधानी और श्रद्धा अपेक्षित है। विशेष जप या प्रयोग गुरु-मार्गदर्शन में ही करना चाहिए।
ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा॥
Easy Pronunciation
Om Hleem Bagalamukhi Sarva-Dushtanam Vacham Mukham Padam Stambhaya Jihvam Keelaya Buddhim Vinashaya Hleem Om Swaha.
हे माँ बगलामुखी, सभी दुष्ट, अहितकारी और अधर्मी प्रवृत्तियों की वाणी, मुख और गति को रोक दीजिए। उनकी हानिकारक जिह्वा को निष्प्रभावी कीजिए और अन्यायी बुद्धि का नाश कीजिए। माँ, यह प्रार्थना आपके चरणों में समर्पित है।
O Maa Baglamukhi, still the speech, mouth and movement of all harmful and unrighteous forces. Neutralise the destructive tongue and dissolve the hostile intellect. This offering is made at Your divine feet.
साधक-भाव
इस मन्त्र को नकारात्मक प्रतिशोध की भावना से नहीं, बल्कि धर्म-रक्षा, सत्य-संरक्षण और अहित-निवारण की प्रार्थना के रूप में समझना चाहिए।
श्री बगलाष्टोत्तरशतनाम स्तोत्रम्
माँ बगलामुखी के 108 नामों का स्तोत्र दो प्रमुख रूपों में प्रचलित मिलता है। एक पाठ भक्ति भारत में “श्रीरुद्रयामल” से सम्बद्ध बताया गया है, जिसमें माँ को ब्रह्मास्त्ररूपिणी, चिच्छक्ति, महाविद्या, पीताम्बरा, जिह्वा-मुद्गर-धारिणी आदि नामों से प्रणाम किया गया है।
दूसरा पाठ “नारद-विष्णु संवाद” में उपलब्ध है, जहाँ श्रीभगवान नारद को पीताम्बरा महादेवी के 108 नाम बताते हैं। इस पाठ में विनियोग भी दिया गया है—सदाशिव ऋषि, अनुष्टुप् छन्द, श्रीपीताम्बरा देवता, और श्रीपीताम्बरा प्रीत्यर्थ पाठ।
आरम्भिक ध्यान-पंक्तियाँ
ॐ ब्रह्मास्त्ररूपिणी देवी, माता श्रीबगलामुखी।
चिच्छक्तिर्ज्ञानरूपा च, ब्रह्मानन्दप्रदायिनी॥
Easy Pronunciation
Om Brahmastra-Rupini Devi, Mata Shri Bagalamukhi.
Chichchaktir Jnana-Rupa Cha, Brahmananda-Pradayini.
माँ बगलामुखी ब्रह्मास्त्र के समान अचूक दैवी शक्ति हैं। वे चिच्छक्ति हैं, ज्ञानस्वरूप हैं और ब्रह्मानन्द प्रदान करने वाली परम माता हैं।
Maa Baglamukhi is the unfailing divine force like Brahmastra. She is conscious power, the embodiment of knowledge, and the giver of supreme spiritual bliss.
माँ बगलामुखी की 108 नामावली
स्रोत-परम्परा: विष्णुयामल-सम्बद्ध नारद-विष्णु संवाद / अष्टोत्तरशतनामावली परम्परा
| क्रम | Easy Pronunciation | संक्षिप्त अर्थ | |
| 1 | ॐ बगलायै नमः | Om Bagalayai Namah | बगला स्वरूपिणी माँ को नमन |
| 2 | ॐ विष्णुवनितायै नमः | Om Vishnuvanitayai Namah | विष्णु-शक्ति रूपा |
| 3 | ॐ विष्णुशङ्करभामिन्यै नमः | Om Vishnushankara-Bhaminyai Namah | विष्णु और शंकर से सम्बद्ध तेजस्विनी |
| 4 | ॐ बहुलायै नमः | Om Bahulayai Namah | अनन्त रूपों वाली |
| 5 | ॐ वेदमात्रे नमः | Om Vedamatre Namah | वेदस्वरूप माता |
| 6 | ॐ महाविष्णुप्रस्वै नमः | Om Mahavishnu-Prasvai Namah | महाविष्णु-शक्ति से सम्बद्ध |
| 7 | ॐ महामत्स्यायै नमः | Om Mahamatsyayai Namah | मत्स्यावतार-तत्त्व से सम्बद्ध |
| 8 | ॐ महाकूर्मायै नमः | Om Mahakurmayai Namah | कूर्मावतार-तत्त्व से सम्बद्ध |
| 9 | ॐ महावाराहरूपिण्यै नमः | Om Mahavaraha-Rupinyai Namah | वाराह-शक्ति रूपिणी |
| 10 | ॐ नरसिंहप्रियायै नमः | Om Narasimha-Priyayai Namah | नरसिंह प्रिय शक्ति |
| 11 | ॐ रम्यायै नमः | Om Ramyayai Namah | रमणीय, सुन्दर |
| 12 | ॐ वामनायै नमः | Om Vamanayai Namah | वामन-तत्त्व से सम्बद्ध |
| 13 | ॐ बटुरूपिण्यै नमः | Om Baturupinyai Namah | बाल-ब्रह्मचारी रूपिणी |
| 14 | ॐ जामदग्न्यस्वरूपायै नमः | Om Jamadagnya-Svarupayai Namah | परशुराम-तत्त्व से सम्बद्ध |
| 15 | ॐ रामायै नमः | Om Ramayai Namah | श्रीराम-तत्त्व से सम्बद्ध |
| 16 | ॐ रामप्रपूजितायै नमः | Om Rama-Prapujitayai Namah | राम द्वारा पूजित |
| 17 | ॐ कृष्णायै नमः | Om Krishnayai Namah | कृष्ण-तत्त्व से सम्बद्ध |
| 18 | ॐ कपर्दिन्यै नमः | Om Kapardinyai Namah | जटाधारी शिव-तत्त्व से सम्बद्ध |
| 19 | ॐ कृत्यायै नमः | Om Krityayai Namah | कर्म-सिद्धि की शक्ति |
| 20 | ॐ कलहायै नमः | Om Kalahayai Namah | संघर्ष पर अधिकार रखने वाली |
| 21 | ॐ कलकारिण्यै नमः | Om Kalakarinyai Namah | काल और क्रिया को चलाने वाली |
| 22 | ॐ बुद्धिरूपायै नमः | Om Buddhi-Rupayai Namah | बुद्धिस्वरूपिणी |
| 23 | ॐ बुद्धभार्यायै नमः | Om Buddhi-Bharyayai Namah | बुद्धि की अधिष्ठात्री |
| 24 | ॐ बौद्धपाखण्डखण्डिन्यै नमः | Om Bauddha-Pakhanda-Khandinyai Namah | मिथ्या मत का खण्डन करने वाली |
| 25 | ॐ कल्किरूपायै नमः | Om Kalki-Rupayai Namah | कल्कि-तत्त्व से सम्बद्ध |
| 26 | ॐ कलिहरायै नमः | Om Kali-Harayai Namah | कलियुग दोष हरने वाली |
| 27 | ॐ कलिदुर्गतिनाशिन्यै नमः | Om Kali-Durgati-Nashinyai Namah | कलियुग की दुर्गति का नाश करने वाली |
| 28 | ॐ कोटिसूर्यप्रतीकाशायै नमः | Om Koti-Surya-Pratikashayai Namah | करोड़ों सूर्य जैसी प्रभा |
| 29 | ॐ कोटिकन्दर्पमोहिन्यै नमः | Om Koti-Kandarpa-Mohinyai Namah | करोड़ों कामदेवों को मोहित करने वाली |
| 30 | ॐ केवलायै नमः | Om Kevalayai Namah | अद्वितीय |
| 31 | ॐ कठिनायै नमः | Om Kathinayai Namah | अडिग शक्ति |
| 32 | ॐ काल्यै नमः | Om Kalyai Namah | काल-शक्ति |
| 33 | ॐ कलायै नमः | Om Kalayai Namah | कला और शक्ति की अधिष्ठात्री |
| 34 | ॐ कैवल्यदायिन्यै नमः | Om Kaivalya-Dayinyai Namah | मोक्ष देने वाली |
| 35 | ॐ केशव्यै नमः | Om Keshavyai Namah | केशव-शक्ति |
| 36 | ॐ केशवाराध्यायै नमः | Om Keshava-Aradhyayai Namah | केशव द्वारा आराधित |
| 37 | ॐ किशोर्यै नमः | Om Kishoryai Namah | नित्य युवा देवी |
| 38 | ॐ केशवस्तुतायै नमः | Om Keshava-Stutayai Namah | केशव द्वारा स्तुत |
| 39 | ॐ रुद्ररूपायै नमः | Om Rudra-Rupayai Namah | रुद्रस्वरूपिणी |
| 40 | ॐ रुद्रमूर्त्यै नमः | Om Rudra-Murtyai Namah | रुद्र-मूर्ति |
| 41 | ॐ रुद्राण्यै नमः | Om Rudranyai Namah | रुद्राणी |
| 42 | ॐ रुद्रदेवतायै नमः | Om Rudra-Devatayai Namah | रुद्रदेवता |
| 43 | ॐ नक्षत्ररूपायै नमः | Om Nakshatra-Rupayai Namah | नक्षत्रस्वरूप |
| 44 | ॐ नक्षत्रायै नमः | Om Nakshatrayai Namah | नक्षत्र-शक्ति |
| 45 | ॐ नक्षत्रेशप्रपूजितायै नमः | Om Nakshatresha-Prapujitayai Namah | नक्षत्रेश द्वारा पूजित |
| 46 | ॐ नक्षत्रेशप्रियायै नमः | Om Nakshatresha-Priyayai Namah | नक्षत्रेश की प्रिय |
| 47 | ॐ नित्यायै नमः | Om Nityayai Namah | नित्य, सनातनी |
| 48 | ॐ नक्षत्रपतिवन्दितायै नमः | Om Nakshatrapati-Vanditayai Namah | नक्षत्रपति द्वारा वंदित |
| 49 | ॐ नागिन्यै नमः | Om Naginyai Namah | नागिनी स्वरूपा |
| 50 | ॐ नागजनन्यै नमः | Om Naga-Jananyai Namah | नागों की जननी |
| 51 | ॐ नागराजप्रवन्दितायै नमः | Om Nagaraja-Pravanditayai Namah | नागराज द्वारा वंदित |
| 52 | ॐ नागेश्वर्यै नमः | Om Nageshvaryai Namah | नागेश्वरी |
| 53 | ॐ नागकन्यायै नमः | Om Naga-Kanyayai Namah | नागकन्या रूपा |
| 54 | ॐ नागर्यै नमः | Om Nagaryai Namah | नाग-शक्ति |
| 55 | ॐ नगात्मजायै नमः | Om Nagatma-Jayai Namah | पर्वतराज की पुत्री |
| 56 | ॐ नगाधिराजतनयायै नमः | Om Nagadhiraja-Tanayai Namah | हिमालयतनया |
| 57 | ॐ नगराजप्रपूजितायै नमः | Om Nagaraja-Prapujitayai Namah | पर्वतराज द्वारा पूजित |
| 58 | ॐ नवीनायै नमः | Om Navinayai Namah | नूतन शक्ति |
| 59 | ॐ नीरदायै नमः | Om Niradayai Namah | मेघवत् करुणामयी |
| 60 | ॐ पीतायै नमः | Om Pitayai Namah | पीतवर्णा |
| 61 | ॐ श्यामायै नमः | Om Shyamayai Namah | श्यामवर्णा |
| 62 | ॐ सौन्दर्यकारिण्यै नमः | Om Saundarya-Karinyai Namah | सौन्दर्य देने वाली |
| 63 | ॐ रक्तायै नमः | Om Raktayai Namah | रक्तवर्णा शक्ति |
| 64 | ॐ नीलायै नमः | Om Nilayai Namah | नीलवर्णा |
| 65 | ॐ घनायै नमः | Om Ghanayai Namah | घनीभूत शक्ति |
| 66 | ॐ शुभ्रायै नमः | Om Shubhrayai Namah | उज्ज्वल |
| 67 | ॐ श्वेतायै नमः | Om Shvetayai Namah | श्वेतस्वरूपा |
| 68 | ॐ सौभाग्यदायिन्यै नमः | Om Saubhagya-Dayinyai Namah | सौभाग्य देने वाली |
| 69 | ॐ सुन्दर्यै नमः | Om Sundaryai Namah | सुन्दरी |
| 70 | ॐ सौभगायै नमः | Om Saubhagayai Namah | मंगलमयी |
| 71 | ॐ सौम्यायै नमः | Om Saumyayai Namah | सौम्य स्वरूपा |
| 72 | ॐ स्वर्णभायै नमः | Om Svarnabhayai Namah | स्वर्णिम प्रभा वाली |
| 73 | ॐ स्वर्गतिप्रदायै नमः | Om Svargati-Pradayai Namah | शुभ गति देने वाली |
| 74 | ॐ रिपुत्रासकर्यै नमः | Om Riputrasa-Karyai Namah | शत्रुओं में भय उत्पन्न करने वाली |
| 75 | ॐ रेखायै नमः | Om Rekhayai Namah | मर्यादा-रेखा की रक्षिका |
| 76 | ॐ शत्रुसंहारकारिण्यै नमः | Om Shatru-Samhara-Karinyai Namah | अधर्मी शत्रु-भाव का नाश करने वाली |
| 77 | ॐ भामिन्यै नमः | Om Bhaminyai Namah | तेजस्विनी |
| 78 | ॐ मायायै नमः | Om Mayayai Namah | महामाया |
| 79 | ॐ स्तम्भिन्यै नमः | Om Stambhinyai Namah | स्तम्भन शक्ति |
| 80 | ॐ मोहिन्यै नमः | Om Mohinyai Namah | मोहिनी शक्ति |
| 81 | ॐ शुभायै नमः | Om Shubhayai Namah | शुभमयी |
| 82 | ॐ रागद्वेषकर्यै नमः | Om Raga-Dvesha-Karyai Namah | राग-द्वेष पर अधिकार रखने वाली |
| 83 | ॐ रात्र्यै नमः | Om Ratryai Namah | रात्रि-शक्ति |
| 84 | ॐ रौरवध्वंसकारिण्यै नमः | Om Raurava-Dhvamsa-Karinyai Namah | दुःखद गति का नाश करने वाली |
| 85 | ॐ यक्षिण्यै नमः | Om Yakshinyai Namah | यक्षिणी स्वरूपा |
| 86 | ॐ सिद्धनिवहायै नमः | Om Siddha-Nivahayai Namah | सिद्धों से पूजित |
| 87 | ॐ सिद्धेशायै नमः | Om Siddheshayai Namah | सिद्धियों की अधिष्ठात्री |
| 88 | ॐ सिद्धिरूपिण्यै नमः | Om Siddhi-Rupinyai Namah | सिद्धिस्वरूपिणी |
| 89 | ॐ लङ्कापतिध्वंसकर्यै नमः | Om Lankapati-Dhvamsakaryai Namah | लंकापति-विनाशकारी शक्ति |
| 90 | ॐ लङ्केशरिपुवन्दितायै नमः | Om Lankesha-Ripu-Vanditayai Namah | लंकेश-विरोधी द्वारा वंदित |
| 91 | ॐ लङ्कानाथकुलहरायै नमः | Om Lankanatha-Kula-Harayai Namah | अधर्मकुल का हरण करने वाली |
| 92 | ॐ महारावणहारिण्यै नमः | Om Maharavana-Harinyai Namah | महा-अहंकार का नाश करने वाली |
| 93 | ॐ देवदानवसिद्धौघपूजितायै नमः | Om Deva-Danava-Siddhaugha-Pujitayai Namah | देव, दानव और सिद्धों द्वारा पूजित |
| 94 | ॐ परमेश्वर्यै नमः | Om Parameshvaryai Namah | परमेश्वरी |
| 95 | ॐ पराणुरूपायै नमः | Om Paranu-Rupayai Namah | अति सूक्ष्म स्वरूप |
| 96 | ॐ परमायै नमः | Om Paramayai Namah | परम शक्ति |
| 97 | ॐ परतन्त्रविनाशिन्यै नमः | Om Paratantra-Vinashinyai Namah | पराधीनता का नाश करने वाली |
| 98 | ॐ वरदायै नमः | Om Varadayai Namah | वर देने वाली |
| 99 | ॐ वरदाराध्यायै नमः | Om Varadaradhyayai Namah | वरदाता रूप में आराधित |
| 100 | ॐ वरदानपरायणायै नमः | Om Varadana-Parayanayai Namah | वरदान देने में कृपालु |
| 101 | ॐ वरदेशप्रियायै नमः | Om Varadesha-Priyayai Namah | वरदेश की प्रिय |
| 102 | ॐ वीरायै नमः | Om Virayai Namah | वीरस्वरूपा |
| 103 | ॐ वीरभूषणभूषितायै नमः | Om Virabhushana-Bhushitayai Namah | वीर-आभूषणों से विभूषित |
| 104 | ॐ वसुदायै नमः | Om Vasudayai Namah | धन और पोषण देने वाली |
| 105 | ॐ बहुदायै नमः | Om Bahudayai Namah | बहुत देने वाली |
| 106 | ॐ वाण्यै नमः | Om Vanyai Namah | वाणीस्वरूपा |
| 107 | ॐ ब्रह्मरूपायै नमः | Om Brahma-Rupayai Namah | ब्रह्मस्वरूपिणी |
| 108 | ॐ वराननायै नमः | Om Varananayai Namah | शुभमुखी, वरदायिनी माँ |
बगलामुखी कवच
बगलामुखी कवच की कई पाठ-परम्पराएँ मिलती हैं। कवच का मूल भाव है—माँ पीताम्बरा शरीर, वाणी, बुद्धि, दिशा, कर्म, प्रतिष्ठा और साधना की रक्षा करें। इन स्रोतों को कवच/स्तोत्र-पाठ की परम्परा समझने के लिए देखा जा सकता है।
कवच का प्रकाशन-योग्य सार
माँ बगलामुखी मेरे मस्तक की रक्षा करें।
पीताम्बरा मेरी वाणी को सत्य और संयम दें।
स्तम्भिनी शक्ति मेरे विरोधी भय, भ्रम और अनिष्ट को रोकें।
जिह्वा-मुद्गर-धारिणी माँ मेरे शब्दों को धर्ममय बनाएँ।
ब्रह्मास्त्ररूपिणी देवी मेरे पथ की रक्षा करें।
English Devotional Rendering
May Maa Baglamukhi protect my head. May Pitambara purify my speech with truth and restraint. May Her stilling power halt fear, confusion and harmful forces. May the Mother who holds the tongue and the mace make my words Dharmic. May Brahmastra-Rupini Devi guard my path.
पीताम्बरी नवधा आराधना
TatvaDhi द्वारा प्रकाशन-योग्य भक्तिपूर्ण विन्यास
यह कोई स्वतंत्र शास्त्रीय मन्त्र-पाठ नहीं, बल्कि माँ बगलामुखी की उपासना को नौ सरल, सात्त्विक और गृहस्थ-योग्य चरणों में समझाने वाला भक्तिपूर्ण विन्यास है।
| क्रम | आराधना | भाव |
| 1 | शुद्धि | स्नान, स्वच्छ वस्त्र, स्वच्छ पूजा-स्थान |
| 2 | पीत संकल्प | पीला वस्त्र/पीला आसन और मन में शुद्ध संकल्प |
| 3 | दीप-प्रज्वलन | घी का दीपक जलाकर माँ का आवाहन |
| 4 | हल्दी अर्पण | हल्दी से पवित्रता और मंगल का आह्वान |
| 5 | पीत पुष्प | पीले फूलों से माँ की पीताम्बरा शक्ति को प्रणाम |
| 6 | नाम-जप | “जय माँ पीताम्बरा” या सरल नाम-स्मरण |
| 7 | स्तोत्र-पाठ | बगलाष्टक, चालीसा, आरती या अष्टोत्तरशतनाम |
| 8 | वाणी-व्रत | कटु वाणी, झूठ, निन्दा और व्यर्थ विवाद से बचना |
| 9 | समर्पण | “माँ, पहले मेरे भीतर का अनिष्ट रोकिए” — यह प्रार्थना |
नवधा आराधना मन्त्र-जैसी प्रार्थना
हे माँ पीताम्बरा,
मेरी वाणी को सत्य दीजिए,
मेरे मन को स्थिर कीजिए,
मेरे भय को रोकिए,
मेरे अहंकार को शांत कीजिए,
मेरे धर्मपथ की रक्षा कीजिए।
English Rendering
O Maa Pitambara, give truth to my speech, steadiness to my mind, restraint to my fear, peace to my ego, and protection to my path of dharma.
अन्य प्रमुख स्तोत्र और पाठ
| पाठ | स्वरूप | |
| बगलामुखी गायत्री | संक्षिप्त ध्यान-मन्त्र | लेख, पूजा-विधि, दैनिक जप |
| स्तम्भन मन्त्र | तांत्रिक/रक्षक मन्त्र | सावधानी और गुरु-मार्गदर्शन टिप्पणी सहित |
| बगलाष्टोत्तरशतनाम स्तोत्र | 108 नामों का स्तोत्र | प्राकट्य दिवस विशेष लेख |
| अष्टोत्तरशतनामावली | नाम-जप रूप | पूजा, अर्चना, पुष्पांजलि |
| बगलाष्टक | भक्तिपूर्ण स्तुति | सरल पाठ, सामूहिक उपासना |
| चालीसा | लोकभाषा भक्तिपाठ | सामान्य भक्तों के लिए |
| आरती | पूजा-समापन | दीप, धूप, नैवेद्य के बाद |
| कवच | रक्षक पाठ | स्रोत-भेद के साथ सावधानीपूर्वक |

