Ganesh statue with ancient scriptures and ceremonial offerings in temple

माँ बगलामुखी के प्रमुख मन्त्र, स्तोत्र, कवच और 108 नाम

शास्त्रीय स्रोत, हिन्दी–English अर्थ और सरल उच्चारण सहित
माँ बगलामुखी की उपासना में मन्त्र केवल शब्द नहीं हैं। वे साधक के भीतर स्थिरता, साहस, संयम और दैवी संरक्षण का सूक्ष्म आह्वान हैं। माँ पीताम्बरा की साधना विशेष रूप से वाणी-संयम, अनिष्ट-निवारण, धर्मयुक्त विजय, भय-शमन और आन्तरिक स्थिरता से जुड़ी मानी जाती है।

माँ बगलामुखी से सम्बन्धित मन्त्र और स्तोत्र मुख्य रूप से शाक्त, महाविद्या और तांत्रिक परम्परा में मिलते हैं। 

उपलब्ध पाठ-परम्पराओं में श्रीरुद्रयामल, विष्णुयामल में नारद-विष्णु संवाद, बगलामुखी स्तोत्र-परम्परा, बगलामुखी अष्टोत्तरशतनाम, बगलाष्टक, चालीसा और आरती प्रमुख रूप से प्रचलित हैं। बगलामुखी अष्टोत्तरशतनाम स्तोत्र को भक्ति भारत ने “श्रीरूद्रयामले सर्व-सिद्धि-प्रद श्री बगलाष्टोत्तर शतनाम स्तोत्रम्” के रूप में दिया है, जबकि नारद-विष्णु संवाद वाला पाठ विष्णुयामल-सम्बद्ध रूप में उपलब्ध है।

महत्वपूर्ण श्रद्धा-सूचना:
माँ बगलामुखी के बीजमन्त्र, विशेष जप-संख्या, अनुष्ठान, हवन और तांत्रिक प्रयोग गुरु-मार्गदर्शन में ही करने चाहिए। सामान्य भक्तों के लिए नाम-स्मरण, स्तोत्र-पाठ, आरती, चालीसा, नारायणी स्तुति, पीले पुष्प और वाणी-संयम की साधना अत्यन्त शुभ मानी जाती है।

माँ बगलामुखी के प्रमुख मन्त्र

भक्ति-परम्परा में माँ बगलामुखी के अनेक मन्त्र प्रचलित हैं—एकाक्षरी, त्र्यक्षरी, चतुराक्षरी, अष्टाक्षरी, नवाक्षरी, एकादशाक्षरी और गायत्री मन्त्र। भक्ति भारत में इन मन्त्रों को क्रम से सूचीबद्ध किया गया है।

मन्त्र तालिका

क्रममन्त्र नामदेवनागरी पाठEasy Pronunciationहिन्दी अर्थEnglish Meaning
1एकाक्षरी मन्त्रह्लीं॥Hleemमाँ बगलामुखी की बीज-शक्ति को प्रणाम।Salutation to the seed-power of Maa Baglamukhi.
2त्र्यक्षरी मन्त्रॐ ह्लीं ॐ॥Om Hleem Omमाँ की पीताम्बरा शक्ति का संक्षिप्त आवाहन।A brief invocation of the Pitambara power of the Mother.
3चतुराक्षरी मन्त्रॐ आं ह्लीं क्रों॥Om Aam Hleem Kromमाँ की ज्ञान, स्तम्भन और रक्षा-शक्ति का स्मरण।Invocation of Her wisdom, stilling and protective force.
4पंचाक्षरी मन्त्रॐ ह्रीं स्त्रीं हुं फट्॥Om Hreem Streem Hum Phatदैवी रक्षा, शक्ति और अवरोध-विनाश का मन्त्र।A mantra invoking divine protection and removal of hostile obstruction.
5अष्टाक्षरी मन्त्रॐ आं ह्लीं क्रों हुं फट् स्वाहा॥Om Aam Hleem Krom Hum Phat Swahaमाँ को समर्पित रक्षक मन्त्र।A protective mantra offered to the Mother.
6नवाक्षरी मन्त्रह्रीं क्लीं ह्रीं बगलामुखि ठः॥Hreem Kleem Hreem Bagalamukhi Thahमाँ बगलामुखी की आकर्षण, रक्षा और स्तम्भन शक्ति का स्मरण।Invocation of Maa Baglamukhi’s protective and stilling energy.
7एकादशाक्षरी मन्त्रॐ ह्लीं क्लीं ह्लीं बगलामुखि ठः ठः॥Om Hleem Kleem Hleem Bagalamukhi Thah Thahमाँ से अनिष्ट गति रोकने की प्रार्थना।A prayer to the Mother to halt harmful movement and negativity.

माँ बगलामुखी गायत्री मन्त्र

ह्लीं बगलामुखी विद्महे दुष्टस्तंभनी धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्॥

Easy Pronunciation

Hleem Bagalamukhi Vidmahe Dushta-Stambhani Dhimahi Tanno Devi Prachodayat.

हम माँ बगलामुखी का ध्यान करते हैं। वे दुष्टता, अनिष्ट, अधर्म और अशुभ वाणी को रोकने वाली देवी हैं। वे दिव्य माँ हमारी बुद्धि को धर्म, संयम और विजय के मार्ग पर प्रेरित करें।

We meditate upon Maa Baglamukhi, the Divine Mother who stills harmful forces, hostile speech and unrighteous movement. May that Devi inspire and guide our intellect towards dharma, restraint and victory.

 माँ बगलामुखी का प्रसिद्ध स्तम्भन मन्त्र

यह मन्त्र माँ बगलामुखी की साधना में अत्यन्त प्रसिद्ध है। इसके पाठ में सावधानी और श्रद्धा अपेक्षित है। विशेष जप या प्रयोग गुरु-मार्गदर्शन में ही करना चाहिए।

ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा॥

Easy Pronunciation

Om Hleem Bagalamukhi Sarva-Dushtanam Vacham Mukham Padam Stambhaya Jihvam Keelaya Buddhim Vinashaya Hleem Om Swaha.

हे माँ बगलामुखी, सभी दुष्ट, अहितकारी और अधर्मी प्रवृत्तियों की वाणी, मुख और गति को रोक दीजिए। उनकी हानिकारक जिह्वा को निष्प्रभावी कीजिए और अन्यायी बुद्धि का नाश कीजिए। माँ, यह प्रार्थना आपके चरणों में समर्पित है।

O Maa Baglamukhi, still the speech, mouth and movement of all harmful and unrighteous forces. Neutralise the destructive tongue and dissolve the hostile intellect. This offering is made at Your divine feet.

साधक-भाव

इस मन्त्र को नकारात्मक प्रतिशोध की भावना से नहीं, बल्कि धर्म-रक्षा, सत्य-संरक्षण और अहित-निवारण की प्रार्थना के रूप में समझना चाहिए।

श्री बगलाष्टोत्तरशतनाम स्तोत्रम्

माँ बगलामुखी के 108 नामों का स्तोत्र दो प्रमुख रूपों में प्रचलित मिलता है। एक पाठ भक्ति भारत में “श्रीरुद्रयामल” से सम्बद्ध बताया गया है, जिसमें माँ को ब्रह्मास्त्ररूपिणी, चिच्छक्ति, महाविद्या, पीताम्बरा, जिह्वा-मुद्गर-धारिणी आदि नामों से प्रणाम किया गया है।

दूसरा पाठ “नारद-विष्णु संवाद” में उपलब्ध है, जहाँ श्रीभगवान नारद को पीताम्बरा महादेवी के 108 नाम बताते हैं। इस पाठ में विनियोग भी दिया गया है—सदाशिव ऋषि, अनुष्टुप् छन्द, श्रीपीताम्बरा देवता, और श्रीपीताम्बरा प्रीत्यर्थ पाठ।

आरम्भिक ध्यान-पंक्तियाँ

ॐ ब्रह्मास्त्ररूपिणी देवी, माता श्रीबगलामुखी।
चिच्छक्तिर्ज्ञानरूपा च, ब्रह्मानन्दप्रदायिनी॥

Easy Pronunciation

Om Brahmastra-Rupini Devi, Mata Shri Bagalamukhi.
Chichchaktir Jnana-Rupa Cha, Brahmananda-Pradayini.

माँ बगलामुखी ब्रह्मास्त्र के समान अचूक दैवी शक्ति हैं। वे चिच्छक्ति हैं, ज्ञानस्वरूप हैं और ब्रह्मानन्द प्रदान करने वाली परम माता हैं।

Maa Baglamukhi is the unfailing divine force like Brahmastra. She is conscious power, the embodiment of knowledge, and the giver of supreme spiritual bliss.

माँ बगलामुखी की 108 नामावली

स्रोत-परम्परा: विष्णुयामल-सम्बद्ध नारद-विष्णु संवाद / अष्टोत्तरशतनामावली परम्परा

क्रमEasy Pronunciationसंक्षिप्त अर्थ
1ॐ बगलायै नमःOm Bagalayai Namahबगला स्वरूपिणी माँ को नमन
2ॐ विष्णुवनितायै नमःOm Vishnuvanitayai Namahविष्णु-शक्ति रूपा
3ॐ विष्णुशङ्करभामिन्यै नमःOm Vishnushankara-Bhaminyai Namahविष्णु और शंकर से सम्बद्ध तेजस्विनी
4ॐ बहुलायै नमःOm Bahulayai Namahअनन्त रूपों वाली
5ॐ वेदमात्रे नमःOm Vedamatre Namahवेदस्वरूप माता
6ॐ महाविष्णुप्रस्वै नमःOm Mahavishnu-Prasvai Namahमहाविष्णु-शक्ति से सम्बद्ध
7ॐ महामत्स्यायै नमःOm Mahamatsyayai Namahमत्स्यावतार-तत्त्व से सम्बद्ध
8ॐ महाकूर्मायै नमःOm Mahakurmayai Namahकूर्मावतार-तत्त्व से सम्बद्ध
9ॐ महावाराहरूपिण्यै नमःOm Mahavaraha-Rupinyai Namahवाराह-शक्ति रूपिणी
10ॐ नरसिंहप्रियायै नमःOm Narasimha-Priyayai Namahनरसिंह प्रिय शक्ति
11ॐ रम्यायै नमःOm Ramyayai Namahरमणीय, सुन्दर
12ॐ वामनायै नमःOm Vamanayai Namahवामन-तत्त्व से सम्बद्ध
13ॐ बटुरूपिण्यै नमःOm Baturupinyai Namahबाल-ब्रह्मचारी रूपिणी
14ॐ जामदग्न्यस्वरूपायै नमःOm Jamadagnya-Svarupayai Namahपरशुराम-तत्त्व से सम्बद्ध
15ॐ रामायै नमःOm Ramayai Namahश्रीराम-तत्त्व से सम्बद्ध
16ॐ रामप्रपूजितायै नमःOm Rama-Prapujitayai Namahराम द्वारा पूजित
17ॐ कृष्णायै नमःOm Krishnayai Namahकृष्ण-तत्त्व से सम्बद्ध
18ॐ कपर्दिन्यै नमःOm Kapardinyai Namahजटाधारी शिव-तत्त्व से सम्बद्ध
19ॐ कृत्यायै नमःOm Krityayai Namahकर्म-सिद्धि की शक्ति
20ॐ कलहायै नमःOm Kalahayai Namahसंघर्ष पर अधिकार रखने वाली
21ॐ कलकारिण्यै नमःOm Kalakarinyai Namahकाल और क्रिया को चलाने वाली
22ॐ बुद्धिरूपायै नमःOm Buddhi-Rupayai Namahबुद्धिस्वरूपिणी
23ॐ बुद्धभार्यायै नमःOm Buddhi-Bharyayai Namahबुद्धि की अधिष्ठात्री
24ॐ बौद्धपाखण्डखण्डिन्यै नमःOm Bauddha-Pakhanda-Khandinyai Namahमिथ्या मत का खण्डन करने वाली
25ॐ कल्किरूपायै नमःOm Kalki-Rupayai Namahकल्कि-तत्त्व से सम्बद्ध
26ॐ कलिहरायै नमःOm Kali-Harayai Namahकलियुग दोष हरने वाली
27ॐ कलिदुर्गतिनाशिन्यै नमःOm Kali-Durgati-Nashinyai Namahकलियुग की दुर्गति का नाश करने वाली
28ॐ कोटिसूर्यप्रतीकाशायै नमःOm Koti-Surya-Pratikashayai Namahकरोड़ों सूर्य जैसी प्रभा
29ॐ कोटिकन्दर्पमोहिन्यै नमःOm Koti-Kandarpa-Mohinyai Namahकरोड़ों कामदेवों को मोहित करने वाली
30ॐ केवलायै नमःOm Kevalayai Namahअद्वितीय
31ॐ कठिनायै नमःOm Kathinayai Namahअडिग शक्ति
32ॐ काल्यै नमःOm Kalyai Namahकाल-शक्ति
33ॐ कलायै नमःOm Kalayai Namahकला और शक्ति की अधिष्ठात्री
34ॐ कैवल्यदायिन्यै नमःOm Kaivalya-Dayinyai Namahमोक्ष देने वाली
35ॐ केशव्यै नमःOm Keshavyai Namahकेशव-शक्ति
36ॐ केशवाराध्यायै नमःOm Keshava-Aradhyayai Namahकेशव द्वारा आराधित
37ॐ किशोर्यै नमःOm Kishoryai Namahनित्य युवा देवी
38ॐ केशवस्तुतायै नमःOm Keshava-Stutayai Namahकेशव द्वारा स्तुत
39ॐ रुद्ररूपायै नमःOm Rudra-Rupayai Namahरुद्रस्वरूपिणी
40ॐ रुद्रमूर्त्यै नमःOm Rudra-Murtyai Namahरुद्र-मूर्ति
41ॐ रुद्राण्यै नमःOm Rudranyai Namahरुद्राणी
42ॐ रुद्रदेवतायै नमःOm Rudra-Devatayai Namahरुद्रदेवता
43ॐ नक्षत्ररूपायै नमःOm Nakshatra-Rupayai Namahनक्षत्रस्वरूप
44ॐ नक्षत्रायै नमःOm Nakshatrayai Namahनक्षत्र-शक्ति
45ॐ नक्षत्रेशप्रपूजितायै नमःOm Nakshatresha-Prapujitayai Namahनक्षत्रेश द्वारा पूजित
46ॐ नक्षत्रेशप्रियायै नमःOm Nakshatresha-Priyayai Namahनक्षत्रेश की प्रिय
47ॐ नित्यायै नमःOm Nityayai Namahनित्य, सनातनी
48ॐ नक्षत्रपतिवन्दितायै नमःOm Nakshatrapati-Vanditayai Namahनक्षत्रपति द्वारा वंदित
49ॐ नागिन्यै नमःOm Naginyai Namahनागिनी स्वरूपा
50ॐ नागजनन्यै नमःOm Naga-Jananyai Namahनागों की जननी
51ॐ नागराजप्रवन्दितायै नमःOm Nagaraja-Pravanditayai Namahनागराज द्वारा वंदित
52ॐ नागेश्वर्यै नमःOm Nageshvaryai Namahनागेश्वरी
53ॐ नागकन्यायै नमःOm Naga-Kanyayai Namahनागकन्या रूपा
54ॐ नागर्यै नमःOm Nagaryai Namahनाग-शक्ति
55ॐ नगात्मजायै नमःOm Nagatma-Jayai Namahपर्वतराज की पुत्री
56ॐ नगाधिराजतनयायै नमःOm Nagadhiraja-Tanayai Namahहिमालयतनया
57ॐ नगराजप्रपूजितायै नमःOm Nagaraja-Prapujitayai Namahपर्वतराज द्वारा पूजित
58ॐ नवीनायै नमःOm Navinayai Namahनूतन शक्ति
59ॐ नीरदायै नमःOm Niradayai Namahमेघवत् करुणामयी
60ॐ पीतायै नमःOm Pitayai Namahपीतवर्णा
61ॐ श्यामायै नमःOm Shyamayai Namahश्यामवर्णा
62ॐ सौन्दर्यकारिण्यै नमःOm Saundarya-Karinyai Namahसौन्दर्य देने वाली
63ॐ रक्तायै नमःOm Raktayai Namahरक्तवर्णा शक्ति
64ॐ नीलायै नमःOm Nilayai Namahनीलवर्णा
65ॐ घनायै नमःOm Ghanayai Namahघनीभूत शक्ति
66ॐ शुभ्रायै नमःOm Shubhrayai Namahउज्ज्वल
67ॐ श्वेतायै नमःOm Shvetayai Namahश्वेतस्वरूपा
68ॐ सौभाग्यदायिन्यै नमःOm Saubhagya-Dayinyai Namahसौभाग्य देने वाली
69ॐ सुन्दर्यै नमःOm Sundaryai Namahसुन्दरी
70ॐ सौभगायै नमःOm Saubhagayai Namahमंगलमयी
71ॐ सौम्यायै नमःOm Saumyayai Namahसौम्य स्वरूपा
72ॐ स्वर्णभायै नमःOm Svarnabhayai Namahस्वर्णिम प्रभा वाली
73ॐ स्वर्गतिप्रदायै नमःOm Svargati-Pradayai Namahशुभ गति देने वाली
74ॐ रिपुत्रासकर्यै नमःOm Riputrasa-Karyai Namahशत्रुओं में भय उत्पन्न करने वाली
75ॐ रेखायै नमःOm Rekhayai Namahमर्यादा-रेखा की रक्षिका
76ॐ शत्रुसंहारकारिण्यै नमःOm Shatru-Samhara-Karinyai Namahअधर्मी शत्रु-भाव का नाश करने वाली
77ॐ भामिन्यै नमःOm Bhaminyai Namahतेजस्विनी
78ॐ मायायै नमःOm Mayayai Namahमहामाया
79ॐ स्तम्भिन्यै नमःOm Stambhinyai Namahस्तम्भन शक्ति
80ॐ मोहिन्यै नमःOm Mohinyai Namahमोहिनी शक्ति
81ॐ शुभायै नमःOm Shubhayai Namahशुभमयी
82ॐ रागद्वेषकर्यै नमःOm Raga-Dvesha-Karyai Namahराग-द्वेष पर अधिकार रखने वाली
83ॐ रात्र्यै नमःOm Ratryai Namahरात्रि-शक्ति
84ॐ रौरवध्वंसकारिण्यै नमःOm Raurava-Dhvamsa-Karinyai Namahदुःखद गति का नाश करने वाली
85ॐ यक्षिण्यै नमःOm Yakshinyai Namahयक्षिणी स्वरूपा
86ॐ सिद्धनिवहायै नमःOm Siddha-Nivahayai Namahसिद्धों से पूजित
87ॐ सिद्धेशायै नमःOm Siddheshayai Namahसिद्धियों की अधिष्ठात्री
88ॐ सिद्धिरूपिण्यै नमःOm Siddhi-Rupinyai Namahसिद्धिस्वरूपिणी
89ॐ लङ्कापतिध्वंसकर्यै नमःOm Lankapati-Dhvamsakaryai Namahलंकापति-विनाशकारी शक्ति
90ॐ लङ्केशरिपुवन्दितायै नमःOm Lankesha-Ripu-Vanditayai Namahलंकेश-विरोधी द्वारा वंदित
91ॐ लङ्कानाथकुलहरायै नमःOm Lankanatha-Kula-Harayai Namahअधर्मकुल का हरण करने वाली
92ॐ महारावणहारिण्यै नमःOm Maharavana-Harinyai Namahमहा-अहंकार का नाश करने वाली
93ॐ देवदानवसिद्धौघपूजितायै नमःOm Deva-Danava-Siddhaugha-Pujitayai Namahदेव, दानव और सिद्धों द्वारा पूजित
94ॐ परमेश्वर्यै नमःOm Parameshvaryai Namahपरमेश्वरी
95ॐ पराणुरूपायै नमःOm Paranu-Rupayai Namahअति सूक्ष्म स्वरूप
96ॐ परमायै नमःOm Paramayai Namahपरम शक्ति
97ॐ परतन्त्रविनाशिन्यै नमःOm Paratantra-Vinashinyai Namahपराधीनता का नाश करने वाली
98ॐ वरदायै नमःOm Varadayai Namahवर देने वाली
99ॐ वरदाराध्यायै नमःOm Varadaradhyayai Namahवरदाता रूप में आराधित
100ॐ वरदानपरायणायै नमःOm Varadana-Parayanayai Namahवरदान देने में कृपालु
101ॐ वरदेशप्रियायै नमःOm Varadesha-Priyayai Namahवरदेश की प्रिय
102ॐ वीरायै नमःOm Virayai Namahवीरस्वरूपा
103ॐ वीरभूषणभूषितायै नमःOm Virabhushana-Bhushitayai Namahवीर-आभूषणों से विभूषित
104ॐ वसुदायै नमःOm Vasudayai Namahधन और पोषण देने वाली
105ॐ बहुदायै नमःOm Bahudayai Namahबहुत देने वाली
106ॐ वाण्यै नमःOm Vanyai Namahवाणीस्वरूपा
107ॐ ब्रह्मरूपायै नमःOm Brahma-Rupayai Namahब्रह्मस्वरूपिणी
108ॐ वराननायै नमःOm Varananayai Namahशुभमुखी, वरदायिनी माँ

बगलामुखी कवच

बगलामुखी कवच की कई पाठ-परम्पराएँ मिलती हैं। कवच का मूल भाव है—माँ पीताम्बरा शरीर, वाणी, बुद्धि, दिशा, कर्म, प्रतिष्ठा और साधना की रक्षा करें। इन स्रोतों को कवच/स्तोत्र-पाठ की परम्परा समझने के लिए देखा जा सकता है।

कवच का प्रकाशन-योग्य सार

माँ बगलामुखी मेरे मस्तक की रक्षा करें।
पीताम्बरा मेरी वाणी को सत्य और संयम दें।
स्तम्भिनी शक्ति मेरे विरोधी भय, भ्रम और अनिष्ट को रोकें।
जिह्वा-मुद्गर-धारिणी माँ मेरे शब्दों को धर्ममय बनाएँ।
ब्रह्मास्त्ररूपिणी देवी मेरे पथ की रक्षा करें।

English Devotional Rendering

May Maa Baglamukhi protect my head. May Pitambara purify my speech with truth and restraint. May Her stilling power halt fear, confusion and harmful forces. May the Mother who holds the tongue and the mace make my words Dharmic. May Brahmastra-Rupini Devi guard my path.

पीताम्बरी नवधा आराधना

TatvaDhi द्वारा प्रकाशन-योग्य भक्तिपूर्ण विन्यास

यह कोई स्वतंत्र शास्त्रीय मन्त्र-पाठ नहीं, बल्कि माँ बगलामुखी की उपासना को नौ सरल, सात्त्विक और गृहस्थ-योग्य चरणों में समझाने वाला भक्तिपूर्ण विन्यास है। 

क्रमआराधनाभाव
1शुद्धिस्नान, स्वच्छ वस्त्र, स्वच्छ पूजा-स्थान
2पीत संकल्पपीला वस्त्र/पीला आसन और मन में शुद्ध संकल्प
3दीप-प्रज्वलनघी का दीपक जलाकर माँ का आवाहन
4हल्दी अर्पणहल्दी से पवित्रता और मंगल का आह्वान
5पीत पुष्पपीले फूलों से माँ की पीताम्बरा शक्ति को प्रणाम
6नाम-जप“जय माँ पीताम्बरा” या सरल नाम-स्मरण
7स्तोत्र-पाठबगलाष्टक, चालीसा, आरती या अष्टोत्तरशतनाम
8वाणी-व्रतकटु वाणी, झूठ, निन्दा और व्यर्थ विवाद से बचना
9समर्पण“माँ, पहले मेरे भीतर का अनिष्ट रोकिए” — यह प्रार्थना

नवधा आराधना मन्त्र-जैसी प्रार्थना

हे माँ पीताम्बरा,
मेरी वाणी को सत्य दीजिए,
मेरे मन को स्थिर कीजिए,
मेरे भय को रोकिए,
मेरे अहंकार को शांत कीजिए,
मेरे धर्मपथ की रक्षा कीजिए।

English Rendering

O Maa Pitambara, give truth to my speech, steadiness to my mind, restraint to my fear, peace to my ego, and protection to my path of dharma.

अन्य प्रमुख स्तोत्र और पाठ

पाठस्वरूप
बगलामुखी गायत्रीसंक्षिप्त ध्यान-मन्त्रलेख, पूजा-विधि, दैनिक जप
स्तम्भन मन्त्रतांत्रिक/रक्षक मन्त्रसावधानी और गुरु-मार्गदर्शन टिप्पणी सहित
बगलाष्टोत्तरशतनाम स्तोत्र108 नामों का स्तोत्रप्राकट्य दिवस विशेष लेख
अष्टोत्तरशतनामावलीनाम-जप रूपपूजा, अर्चना, पुष्पांजलि
बगलाष्टकभक्तिपूर्ण स्तुतिसरल पाठ, सामूहिक उपासना
चालीसालोकभाषा भक्तिपाठसामान्य भक्तों के लिए
आरतीपूजा-समापनदीप, धूप, नैवेद्य के बाद
कवचरक्षक पाठस्रोत-भेद के साथ सावधानीपूर्वक

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